🎶 [Background Music – हल्की शहनाई और शांत वातावरण की ध्वनि] 🎶
Narrator:
“राजगढ़ के वीर सिंह एक सम्मानित और नेकदिल व्यक्ति थे। वे अपनी ईमानदारी, सख्त अनुशासन और दरियादिली के लिए पूरे गाँव में प्रसिद्ध थे। उनके चार बेटे—अजय, विजय, राजेश और दीपक थे। वीर सिंह ने अपनी पूरी ज़िंदगी मेहनत से एक बड़ा साम्राज्य खड़ा किया था, जिसमें खेत, पशुधन, सोने-चांदी की तिजोरी और ढेर सारी संपत्ति शामिल थी। लेकिन उनकी सबसे बड़ी चिंता थी कि उनके बाद उनके बेटे इस विरासत को लेकर आपस में न बंट जाएं। वे जानते थे कि धन कई बार रिश्तों को तोड़ देता है, और वे अपने बेटों को इस परीक्षा से बचाना चाहते थे।”
Scene 1: पिता की चिंता
(वीर सिंह एक पुराने नीम के पेड़ के नीचे बैठे हैं। सूरज ढल रहा है, और वे चिंतित दिख रहे हैं। तभी उनके चारों बेटे आकर उनके पास बैठते हैं।)
वीर सिंह (गंभीर स्वर में): “बेटा, जीवन में धन-दौलत जरूरी है, लेकिन सबसे बड़ी पूंजी एकता और प्रेम होता है। मैं चाहता हूं कि तुम चारों हमेशा मिलकर रहो, एक-दूसरे का साथ दो।”
अजय (बड़ा बेटा, शांत स्वभाव): “पिताजी, हम हमेशा साथ रहेंगे। आपकी दी हुई सीख को हम कभी नहीं भूलेंगे।”
विजय (दूसरा बेटा, चतुर): “हां पिताजी, हमारे लिए आपका आशीर्वाद ही सबसे बड़ी दौलत है।”
वीर सिंह (मुस्कुराते हुए): “यह अच्छी बात है। लेकिन असली परीक्षा तो तब होगी जब तुम्हारे सामने संपत्ति का सवाल आएगा।”
🎶 [Background Music हल्का गंभीर होता है] 🎶
“मैंने तुम्हारे लिए कुछ छोड़ा है। जब मैं इस दुनिया से चला जाऊंगा, तब तुम चारपाई के चारों पैरों के नीचे देखना। वहाँ तुम्हारे हिस्से रखे हैं।”
(बेटे थोड़ा हैरान होते हैं लेकिन पिता की बात का सम्मान करते हैं।)
Scene 2: पिता की विदाई
(कुछ महीनों बाद, वीर सिंह की तबीयत बिगड़ने लगती है। गाँव के वैद्य आते हैं, लेकिन उम्र के सामने दवा भी बेअसर हो जाती है। एक दिन, सूरज उगने से पहले ही वीर सिंह दुनिया छोड़ देते हैं। पूरा गाँव शोक में डूब जाता है। बेटों की आँखों से आंसू थमने का नाम नहीं लेते।)
🎶 [Background Music – हल्का इमोशनल, वायलिन की ध्वनि] 🎶
(शवयात्रा के बाद, बेटे घर लौटते हैं। वीर सिंह की आखिरी बात उन्हें याद आती है। वे चारपाई के चारों पैरों के नीचे खुदाई करते हैं।)
Scene 3: रहस्य खुलता है!
(चारों भाई चारपाई के पैरों के नीचे से मटके निकालते हैं।)
अजय: “मेरे मटके में हीरे और जवाहरात हैं!”
विजय: “मेरे मटके में सोने और चांदी के सिक्के हैं!”
राजेश: “मेरे मटके में तो बस… मिट्टी?”
दीपक: “और मेरे मटके में… हड्डियां?”
🎶 [Background Music अचानक रुकता है, सस्पेंस पैदा होता है] 🎶
राजेश (गुस्से में): “यह कैसा बंटवारा है? हमें मिट्टी और हड्डियां दी गईं? क्या पिताजी को हमसे प्यार नहीं था?”
दीपक: “बिलकुल! यह तो सरासर अन्याय है!”
(अजय और विजय थोड़ा सोचते हैं और कहते हैं)
अजय: “राजेश, दीपक, अगर तुम चाहो तो हमारे हिस्से में से आधा ले सकते हो। हमें कोई आपत्ति नहीं।”
🎶 [Background Music हल्का शांत होता है] 🎶
(लेकिन गाँव के कुछ लोग राजेश और दीपक को भड़काने लगते हैं, खासकर लोभी सोहनलाल।)
सोहनलाल (गाँव का व्यक्ति, धीमी आवाज़ में): “राम राम! यह तो सरासर अन्याय हुआ! दो को सोना-चांदी और दो को मिट्टी और हड्डियां? यह कैसा बंटवारा हुआ भाई?”
राजेश: “लेकिन हमारे भाई तो हमें अपना हिस्सा देने को तैयार हैं!”
सोहनलाल (हंसते हुए): “अरे भोले हो तुम! अगर आज वे दे रहे हैं, तो कल भी देंगे क्या? जाओ, कचहरी में केस डालो!”
🎶 [Background Music तेज़ होता है, टेंशन बढ़ती है] 🎶
(राजेश और दीपक सोच में पड़ जाते हैं। तभी उनके पिता के पुराने नौकर काका आते हैं।)
काका: “बेटा, मैं यह तो नहीं जानता कि तुम्हारे पिता ने यह बंटवारा क्यों किया, पर इतना ज़रूर जानता हूं कि उन्होंने जीवन में कभी किसी के साथ अन्याय नहीं किया। उनकी हर बात के पीछे कोई सीख होती थी।”
🎶 [Background Music हल्का इमोशनल] 🎶
Scene 4: असली रहस्य!
(चारों भाई नगर के राजा, महाराज शेर सिंह के पास जाते हैं)
महाराज शेर सिंह: “तुम्हारे पिता बहुत समझदार थे। उन्होंने जो भी किया, सोच-समझ कर किया। जिनके हिस्से में मिट्टी आई है, उन्हें उपजाऊ खेत मिले हैं। और जिनके हिस्से में हड्डियां आई हैं, उन्हें गौशाला और पशुधन मिला है।”
🎶 [Background Music उत्सुकता भरी] 🎶
दीपक: “तो इसका मतलब… हमारे पास भी बहुमूल्य संपत्ति है?”
महाराज: “हाँ, और तुम्हारे पिता यह देखना चाहते थे कि क्या धन आने के बाद भी तुम भाई एक-दूसरे के साथ खड़े रहते हो या नहीं!”
(चारों भाइयों की आँखों में आंसू आ जाते हैं। वे समझ जाते हैं कि असली धन, आपसी प्रेम और एकता होती है।)
🎶 [Background Music सुखद और प्रेरणादायक] 🎶
Narrator (अंतिम संदेश):
“इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि सच्चा धन पैसा नहीं, बल्कि भाईचारा और परिवार का प्रेम होता है। अगर भाई-भाई एक-दूसरे का साथ दें, तो कोई भी मुश्किल उन्हें हरा नहीं सकती।”
🎶 Moral: “एकता सबसे बड़ा धन है!” 🎶